क्या असर होगा अर्थव्यवस्था पर लॉकडाउन का ?

वुहान से बीजिंग -  1051 कि.मी.
वुहान से ज़हेजिआंग- 608 कि.मी.
वुहान से हांगकांग- 918 कि.मी.
वुहान से शंघाई - 691कि.मी.

वुहान से अमेरिका(न्यूयॉर्क) -  12063कि.मी.
वुहान से हिंदुस्तान(दिल्ली) - 3583 कि.मी.
वुहान से इटली(रोम) - 8687कि.मी.
वुहान से ईरान - 5794कि.मी.
वुहान से ब्रिटेन - 8895कि.मी.


ये हैं कुछ आँकड़े जो बताते हैं चीन के वुहान शहर से उसके अन्य राज्यों और विश्व के तमाम देशों के बीच की दूरी। कुछ स्क्रीनशॉट्स भी संलग्न हैं जिनमें आप अन्य प्रमुख देशों और शहरों के बीच की दूरी भी देख सकते हैं।
  


इन आंकड़ों से आप आसानी से समझ सकते हैं कि इस कोरोना वायरस का असर चीन के अन्य राज्यों में न के बराबर देखने को मिला जबकि वो सब निकटवर्ती हैं और वहीं दूसरी ओर विश्व के तमाम बड़े विकसित देशों की स्वास्थ्य व्यवस्था, अर्थव्यवस्था सब चरमरा चुकी है इस वायरस के कारण।
इटली और अमेरिका जैसे देशों के हालात बिल्कुल इमरजेंसी जैसे हो चुके हैं।
भारत में भी ये वायरस धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है हालांकि भारत सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन  घोषित कर दिया है।

लेकिन इन सब बातों से हटकर क्या आपने सोंचा कि इतनी दूरी होने के बावजूद यह वायरस अन्य देशों में भयावह होता जा रहा है जबकि चीन अन्य निकटवर्ती राज्यों में इसका असर न के बराबर हैं ?
वहीं दूसरी ओर एक नए वायरस हन्ता का आगमन भी हो चुका जो चूहों के जरिये फैलता है हालांकि WHO से पुष्टि होना बाकी है लेकिन इन तरह के नए वायरसों का इंसानी दुनिया में संकेत है कि या तो ये प्रक्रति का कहर है या फिर चीन की गहरी साज़िश।

ऐसा प्रतीत होता है कि चीन के पास इस वायरस की वैक्सीन पहले से ही है लेकिन वो इंतेजार कर रहा है कि कब विश्व के अन्य देशों में स्तिथि विकराल हो औऱ हाहाकर मच जाए तब चीन उस वैक्सीन की सौदेबाज़ी कर सके। मेरी इस बात को आप ऐसे समझ सकते हैं कि चीन जैसा हिंदुस्तान विरोधी देश आज कह रहा है कि सिर्फ़ भारत इन वायरस से लड़ और जीत सकता है। ये साबित करता है कि कहीं न कहीं चीन सुरक्षित खेल खेलना चाहता है ।
महामारी बढ़ी तो चीन वैक्सीन बेच कर फायदा कमाएगा और अगर भारत ने इसपर विजय पा ली तो चीन यह कह कर दिल जीत लेगा कि हमें तो पहले से ही भारत पर भरोसा था।

हर स्तिथि में चीन सहानुभूति बटोरेगा लेकिन अगर भारत देश ने कोरोना वायरस पर विजय पा ली तो ये भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।
ये जीत भारत को विश्व के समक्ष विश्वगुरु की तरह पेश करेगी। सम्पूर्ण विश्व क़ी नजरें भारत पर ही होंगी चाहे वो मार्गदर्शन के लिए हो या व्यापार के लिए। वह स्तिथि भारत के हर नागरिक की प्रतिव्यक्ति आय को बढ़ाने और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने में मदद करेगी। भारतीय सनातन संस्कृति की महत्ता विश्व बिरादरी को समझ आएगी औऱ भारतीय संस्कृति का महत्व बढ़ेगा।

हे भारतवर्ष के महान नागरिकों, अपने-अपने घरों में रहिए।भारत सरकार के दिशानिर्देशों का यथावत पालन कीजिये क्योंकि आज किया गया त्याग ,भारतवर्ष के लिए एक स्वर्णिम भविष्य की नींव रखेगा।

जय हिंद जय भारत
वन्देमातरम

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1 comment:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर।
घर मे ही रहिए, स्वस्थ रहें।
कोरोना से बचें।
भारतीय नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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