Corona Virus - क्या वाकई डरने की जरूरत है ?

"Prevention is better than cure."

कोरोना वायरस(Corona Virus) को लेकर पूरे विश्व में एक भय का माहौल बना हुआ है। इस वायरस के कारण पूरे विश्व में मृत्यु का आंकड़ा 5000 से ज्यादा हो चुका है और भारत में यह आंकड़ा 2 पहुँच चुका है।

Source:- Google

WHO(World Health Organization) ने इस वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। इस परिस्थिति में हर व्यक्ति अपने स्तर पर सावधानियाँ बरत रहा है, वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO औऱ कई पब्लिक हेल्थ अथॉरिटीज ने कुछ बेसिक गाइडलाइन्स जारी किए हैं जिनका अनुसरण(Follow) करके आप अपने ऑफिस(Office) या अन्य जगह पर सिर्फ कोरोना वायरस ही नहीं बल्कि हर तरह के इन्फेक्शन को फैलने से रोक सकते हैं। दोस्तों आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ये गाइडलाइन्स सनातन संस्कृति के अंतर्गत आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान के द्वरा बताये गए निवारणों से मिलते हैं।

तो आइए मैं बताता हूँ आपको कोरोना वायरस का कारण और उससे बचने के उपाय आयुर्वेद और WHO के अनुसार:-

कोरोना वायरस का कारण (Cause of Corona Virus):-

अभी तक डॉक्टर और वैज्ञानिक पूरी तरह से ये नहीं जान पाए हैं कि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैलता है, हालांकि इससे मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूँदों के जरिये फ़ैलते हैं।

संक्रमण से कैसे बचें :-

इसलिए आप इस ख़तरे को कम करने के लिए चित्र में दी गयी बातों का ध्यान रख सकते हैं:-


Source:- NHS,( INDIA & BRITAIN)

Source:- Dainik Jagran

आयुर्वेद के अनुसार भी आप कई चीजों को फॉलो करके अपनी प्रतिरोधक(Immunity) क्षमता को बढ़ा सकते हैं जिससे कि आपका शरीर किसी भी तरीक़े के वायरस से लड़ सके।

1. सबसे पहले भोजन के उपरान्त जल पीने को आदत को त्यागिये। भोजन उपरान्त कम् से कम आधे घण्टे तक पानी न पिएं।
2. अपनी दिनचर्या में गर्म या गुनगुने(Luke Warm) पानी को शामिल कीजिये। सुबह फ्रेश होने से पहले आधा से एक लीटर गुनगुना पानी जरूर पियें।
3. तुलसी पत्ती, नीम पत्ती आदि को दिनचर्या में शामिल करों
4. ठण्डी चीजें जैसे आइसक्रीम ,कोल्ड्रिंक इत्यादि से बचें।
5. मांसाहारी(Non-Veg) भोजन को पूरी तरह से त्याग दें। अगर आप खाते भी हैं तो अच्छी तरह से पका लें।# कोरोना वायरस का आकार 400-500 माइक्रोमीटर होता है, इसलिए इससे बचाव के लिए किसी 'विशेष मास्क' की आवश्यकता नही है। आप 'साधारण मास्क अथवा रूमाल' के उपयोग से भी इससे अपना बचाव कर सकते हैं।

# यह विशेषकर छिंकने अथवा खाँसने पर निकलने वाले द्रव के साथ बाहर आता है। द्रव के साथ बाहर आने के कारण व अपने आकार के कारण यह ज्यादा समय तक हवा मे नही रह पाता है और इसी कारण यह जल्द ही जमीन पर आ जाता है।

# यह वायरस किसी भी प्रकार की धातु पर 12 घण्टे तक जीवित रह सकता है।

# हाँथो मे यह वायरस 10 मिनट तक जीवित रह सकता है।

# यह वायरस किसी भी प्रकार के कपड़े पर 9 घण्टे तक जीवित रह सकता है।

# कपड़ों को धोने पर व धूप मे 2 घण्टे सुखाने पर यह वायरस निष्क्रीय हो जाता है।

# यह वायरस बाह्य वातावरण मे 26-27 डिग्री सेल्सियस के ऊपर निष्क्रीय हो जाता है।

# हाँथो को बार-बार धोने से इसके संक्रमण से बचा जा सकता है।

# गर्म पानी के सेवन से, कुनकुने पानी या नमक मिले कुनकुने पानी के साथ कुल्ला करने पर इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है।

ध्यान देने वाली बात ये यह है कि वायरस के शुरुआती स्तर के मामलों और हल्के-फुल्के लक्षणों वाले मामलों को अभी गिना नहीं गया है, इसलिए संक्रमित मामलों की सामने आई संख्या पूरी तरह से भरोसेमंद नहीं कही जा सकती है।


कोरोना वायरस(कोविड 19) के लक्षण:-


Source :- WHO

इन लक्षणों का ये मतलब नहीं है कि कोरोना वायरस के संक्रमण है क्योंकि कुछ औऱ वायरसों में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं जैसे जुक़ाम औऱ फ्लू में।

इस वायरस के गम्भीर मामलों में निमोनिया, साँस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी, किडनी का फेल होना या फिर मृत्यु भी हो सकती है। बुजुर्ग या उम्रदराज लोग जिन्हें पहले से ही कोई बीमारी(जैसे डायबिटीज, हार्ट-अटैक, अस्थमा) है, उनके मामलों में खतरा ज्यादा गम्भीर हो सकता है।

आजकल काफा लोग सलाह देते हैं कि मास्क लगाकर रहो जबकि ये आपके लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है। स्वस्थ्य व्यक्ति के लिए बेहतर है को वो मास्क का उपयोग न करे अन्यथा वह खुद के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। अगर मास्क उपयोग करना ही चाहते हैं तो इसका उपयोग सिर्फ सफ़र के दौरान ही करें और ज्यादा लंबे समय तक उपयोग ना करें। एक से ज्यादा मास्क अपने पास रखें। यदि मास्क लगाये हुए आपको छींक आती है तो मास्क को हर 4-5 घण्टे में बदलते रहें और धुलते रहें।

फेस मास्क कई तरह के हो सकते हैं। नीचे दिए गए चित्र में आप मास्क में अंतर समझ सकते हैं।

Source : 3-M, Getty

स्वयं को अकेला कैसे रखें ताकि दूसरे संक्रमित न हों :-

अगर आप संक्रमित क्षेत्र से आये हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। ऐसे में घर पर रहें, सार्वजनिक वाहनों में यात्रा न करें घर में मेहमानों को आमंत्रित न करें। 14 दिन तक ऐसा करें ताकि संक्रमण का खतरा कम हो जाये।

कोरोना वायरस के मरीजों की देखभाल करने वाले हॉस्पिटल कर्मचारियों के लिए आवश्यक सलाह :-

Source:- WHO

अभी कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है तो जब तक आप ठीक ना हो जायें, तब तक दूसरों से अलग रहना होगा।

"Prevention is better than cure."

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2 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

उपयोगी जामकारी

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...


कभी तो दूसरों के ब्लॉग पर भी अपनी टिप्पणी दिया करो।

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