क्या व्यक्ति की उम्र के आधार पर उसकी प्रत्येक बात को महत्व देना चाहिए ?

नमस्कार दोस्तों,

हमारे समाज में अक्सर ये कहा जाता है कि फलाने ताऊ ,फलाने चाचा या अन्य कोई परिवार का सदस्य उम्र में आपसे बहुत बड़ा है तो उसकी कही प्रत्येक बात का आपको अनुसरण करना है। कई बार हम जानते हैं कि वो व्यक्ति सही नहीं कह रहा है लेकिन फिर भी हम हर बात को मान लेते हैं क्योंकि वो व्यक्ति हमसे उम्र में,ओहदे में बड़ा है।

क्या आपको लगता है कि ऐसा करना चाहिए ?

नहीं, कदापि नहीं। आप उनका और उनकी बातों का सम्मान कीजिये परन्तु उनकी बातों का अनुसरण करने से पहले ये जाँच लें कि उनकी सलाह उनके बुरे-अच्छे अनुभवों के आधार पर है या आपकी वर्तमान परिस्थिति के अनुरूप।

यहीं से आपको पता चल जाएगा कि उनके मन मे चेतना बची है या नहीं।

महत्व चेतना का होता है न कि आयु का ।

3 वर्ष का बच्चा भी तो आयु में बड़ा है 2 वर्ष के बच्चे से लेकिन उसमें उस स्तर की चेतना नहीं है कि उसके सहारे 2 वर्ष के बच्चे का लालन-पालन हो सके ।

आपको उनसे वाद-विवाद नहीं करना है बस ससम्मान उनकी चेतना के स्तर

को एक अबोध बालक जैसी जानकर आगे बढ़ जाना है।

जीवन में अपनी चेतना के स्तर को बढाइये और जीवन की सार्थकता को धन-दौलत कमाने की मशीन बनाकर बेकार मत करिये।

कुछ समय अपनी चेतना के स्तर को बढ़ाने के लगाइये। यज्ञ हवन पूजा-पाठ इत्यादि के वास्तविक महत्व और तरीके को समझिये। वेद उपनिषद भगवद्गीता के वास्तविक उद्देश्य को समझिये। सत्य सनातन से जुड़िये।


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